ourhindistory.in

 

जो होता है अच्छे के लिए होता है । Jo hota ha accha ke lia hota ha

जो होता है अच्छे के लिए होता है।

टाइटेनिक जो कि एक बहुत ही विशाल और आलीशान जहाज था यह जहाज इतना मशहूर था कि लोग इसे दूर दूर से देखने के लिए आते थे यह जहाज इंग्लैंड से अपनी प्रथम यात्रा पर, 10 अप्रैल 1912 को रवाना होने को था एक क्लर्क स्कॉट कर के आदमी था जहाज के बनने से ही वाह सोच रखा था कि इस आलीशान जहाज का सफर जरूर करेगा उसने इसका सब तैयारी करनी शुरू कर दी थी उसका फैमिली में उसकी बीवी और तीन बच्चे और एक कुत्ता था वह कुत्ता बहुत ही वफादार था क्लर्क और उसकी उस कुत्ते को बहुत मानता था क्लर्क विशाल और आलीशान जहाज का सीट बुक करने गया था इसकी बुकिंग करीब दो-तीन महीना पहले से शुरू हो गई थी जब कलर को आ पहुंचा तो उसे पता चला की सिट बुकिंग बहुत महंगा है उसके के पास इतने पैसे नहीं थे वह सोच में पड़ गया यह उसका जीवन का बहुत बड़ा सपना था मानो की एकमात्र सपना हो।
कलर्स बहुत उदास हो गया लेकिन वह प्रयास नहीं छोड़ा वह अपना सेठ जी के पास गया और उनसे उधारी मांगा वह जैसे – तैसे इधर उधर से अपना टिकट का पैसा जाम कर लिया अब वह बहुत खुश था कि उसका सपना पूरा होने वाला वह आलीशान जहाज का सफर का मजा लेने वाला है और उसने टिकट खरीद ली पूरी परिवार के साथ जाने के लिए। अब तो हुआ दिन – रात सपने देख रहा था कि जहाज कब रवाना होगा ताकि आलीशान जहाज का मजा ले सकें और जल्द से जल्द अपने सपने को पूरा कर सके जिस दिन जहाज रवाना होने वाली थी उस दिन क्लर्क बहुत खुश हूं उसका खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि वह पूरा परिवार के साथ उस आलीशान जहाज में जाने वाला था
वह जाने के लिए तैयारी कर रहा था के उसके वफादार कुत्ते ने उसके बच्चे को काट लिया क्लर्क को विश्वास नहीं हुआ कि जो आज तक नहीं हुआ वह आज हो गया वह कुत्ता करे 6-7 साल से उसके साथ था वफादार बनके वह आज तक कुछ नहीं किया और जब वह अपने सपने को पूरा कर रहा था इस कुत्ते ने उसके बच्चे को काट लिया वह बहुत हैरान हो गया पैरों तले जमीन खिसक गया। अब हुआ अकेले ही आलीशान जहाज पर जाने के लिए चाह रहा था क्योंकि उसका बच्चा कुत्ते के काटने से बीमार हो गया उसके सामने बहुत बड़ा दुविधा थी एक एक और उसका बच्चा और दूसरे और उसका सपना वह सोच में पड़ गया कि वह जाए या ना जाए उसकी बीवी ने उसे जाने से मना किया उसके बच्चों ने उसे जाने से मना किया अंत उसने नहीं जाने का निर्णय ले लिया। जो वह टिकट खरीदा था उसका पैसा उसे वापस नहीं मिल सकता था इस बात से भी वह बहुत दुखी था।
अब जब टाइटेनिक जहाज जाने वाला था क्लर्क उस
जहाज को अपने आंसुओं से विदा किया। और उसे माउसी छा गया बहुत दुखी और निराश था उसके सपना आंखों के सामने से जा रहा है। फिर कुछ देर बाद वह अपना घर गया।
घर जाते हैं वह उस कुत्ते को मारता पीटता है उसे खाना नहीं देता उसको बुरा – भला कहता हैं और उसके साथ रोज यही व्यवहार करता था वह अपना गुस्सा कुत्ते के ऊपर निकाल रहा था तीन-चार दिन उसके साथ यही व्यवहार रखा। टाइटेनिक जहाज14 अप्रैल 1912 को वह एक हिमशिला से टकरा कर डूब गया जिसमें 1,517 लोगों की मृत्यु हुई है यह बात जब कलर को पता चलती है तो वह एकदम से हैरान हो जाता है और उसका खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता। अपने कुत्ते के पास गया जिसे रोज मारता पीटता था उसके पास जाकर उसको अपने गले से लगा लिया उसे चूमने लगाओ मानो की उस कुत्ते ने उसका पूरा परिवार की जान बचा लिया उस दिन के बाद वह अपने कुत्ते को पहले से भी ज्यादा प्यार करने लगा।

यह कहानी सा नया सीख मिलती है कि जीवन में चाहे जितना भी बुरा स्थिति आ जाए हमें विश्वास नहीं खोना चाहिए और जीवन में जो भी कुछ होता है अच्छा – बुरा भगवान जो भी कुछ करते हैं हमारे साथ अगर बुरा भी करते हैं तो अभी कहीं ना कहीं वह हमारे भलाई के लिए ही होता हमें इससे निराश नहीं होना चाहिए और जो होता है अच्छे के लिए होता है जिंदगी के हर मुश्किल में खुश रहना चाहिए।