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तीन जादुई भाई

तीन जादुई भाई | Tin jadui bhai

तीन जादुई भाई

एक किसान के तीन बेटे थे और तीनों के अलग-अलग गुण थे बड़ा बेटा पक्षियों जानवरों का भाषा समझ पाता था बीच वाला बेटा जमीन के अंदर क्या है बहुत दूर तक देख पाता था सबसे छोटा बेटा हवा से भी तेज भागता था। वे तीनों अपने खेतीवाड़ी करके दिन गुजरते थे एक बार किसान कुछ सोच रहा था तभी तीनों बेटा पूछते आप क्या सोच रहे हो पिता जवाब देता है मैं सोच रहा हूं कि आलू की खेती तो इस बार बहुत अच्छे से हुई है लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि हमारे खेत का अलू हमारे खेत अभी तोड़ना चाहिए या नहीं जो कि अभी अगर बारिश शुरू हो गई तो आलू सर जाएगा तभी बीच वाला बेटा कहता है पिताजी आप चिंता मत कीजिए मैं अभी जाता हूं और जमीन के अंदर देख कर बताता हूं कि आलू तैयार हुए कि नहीं तीनों खेत के पास पहुंच जाते हैं बीच वाला बेटा अपने दृष्टि से जमीन के अंदर देखता है और अपने पिता से कहता है सब आलू अच्छे तैयार हो चुके हैं। एक पक्षी चू- चू करती है बड़ा बेटा बोलता है पिता जी तूफान आने वाला है पिता हैरान होकर पूछता कब कैसे? बड़ा बेटा बोलता है चिड़िया के द्वारा मुझे पता चला दोपहर में तूफान आने वाला है।
पिता चिंतित हो कि कहीं तुम तब तो हमें अभी आलू निकालना होगा छोटा बेटा बोलता है आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए मैं जाकर बोलता हूं साफ करता हूं जल्दी से और हवा की रफ्तार से मैं सारे आलू ही जल्दी से निकाल दूंगा और वह अपना काम पूरा कर लेता हूं तभी एक वहां से आदमी गुजरता है और कहता है तुम लोगों ने सुना हमारे राज पर हमला होने वाला है जल्दी जल्दी अपना घर भाग जाओ तीनों बेटा और किसान सब अपने घर जाते हैं। पूरा गांव सुनसान हो गया और बहुत तूफान चले तभी किसान के दरवाजे पर दस्तक सुनाई देती है किसान दरवाजा खोलता और देखता है कि एक लंबा-चौड़ा हट्टा-कट्टा फटे हुए कपड़े पहन कर उसके दरवाजे पर खड़ा है तभी वह बोलता है मैं तूफान में फस गया हूं मेरी मदद कीजिए मुझे थोड़ा देर के लिए अपने घर में जगह दे किसान बोलते ठीक है आप आ जाइए।
तभी सियार का आवाज आता है किसान का बेटा बोलता है राजा साहब आप राजा हैरान हो जाते हैं कि तुम मुझे कैसे पहचाने मेरे को तो कोई नहीं पहचान पाया तभी वह अपना गुण के बारे में बताता है कि वह जानवर का भाषा समझ पाता है। राजा पूछता है और क्या-क्या कौन हो तुम लोग में। तो सभी अपना-अपना गुण बताते हैं तभी राजा उससे मदद मांगता है और कहता है क्या तुम मेरे जादुई तलवार मेरे कक्ष के नीचे दवा है उसे ला सकते हो तीनो बोलता है हां राजा जी हम ला सकते हैं तभी राजा बोलता हूं मेर सौ कक्ष है। तभी बीच वाला कहता हूं आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए मैं पहचान लूंगा मैं जमीन के अंदर देख पाता हूं।
तभी तीनों निकल पड़ते हैं जादुई तलवार खोजने निकल पड़ते हैं लेकिन वहां दरवाजे के पास सैनिक खड़े होते हैं बड़ा भाई जानवर को बुलाकर सैनिकों को भगा देता है और छोटा भाई अपने बीच वाला भाई के साथ तेजी रफ्तार से भागकर कक्ष की ओर पहुंच जाता है तभी बीच वाला भाई सभी कच्छ में जमीन के अंदर देखता है कुछ देर के बाद उससे जादुई तलवार वाला कक्ष मिल जाता है और छोटा भाई कूलहाली आता है और दोनों खुदाई शुरू कर देते हैं और तलवार मिल जाता है वह तलवार राजा को दे देते और राजा अपना राज वापस पा लेते हैं। और उन तीनों और किसान को भी अपने राज महल में रख लेता है।