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दीपावली क्यों मनाया जाता है और इस दिन गणेश भगवान और लक्ष्मी जी की पूजा क्यों होती है

 

दीपावली क्यों मनाया जाता है और इस दिन गणेश भगवान और लक्ष्मी जी की पूजा क्यों होती है

 हमारे देश भारत में पानी को धर्म के लोग रहते हैं इसी कारण से भारत में अनेकों तरह के त्योहार मनाए जाते हैं लेकिन सभी उत्सव त्योहारों का मतलब एक ही होता है कि सब लोग उत्सव त्योहारों के दिन प्रेम के भाव से एक दूसरे को खुशी बांटे हमेशा मिलजुल कर रहे जिससे कि हमारे भारत में एकता बनी रहे. इन्हीं त्योहारों में से एक त्योहार हमारे दीपावली भी है जिसको हम भारतीय बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं और इस दिन गणेश भगवान और लक्ष्मी जी का पूजा भी किया जाता है दीपावली त्योहार मनाने का बहुत सी कथाएं हैं जिन्हें हम नीचे कुछ कथाओं के बारे में बताएं है

पहला कारण रामायण से जुड़ी है

रामायण में जब प्रभु राम अपने पिता के वचन हेतु 14 वर्ष वन में रहकर और अनेकों प्रकार की समस्या को झेलते हुए लंका में पहुंचे और अत्याचारी रावण को मारकर अपने सीता को लंका से छुड़ाकर वापस अपने घर अयोध्या में कार्तिक अमावस्या के दिन पधार थे तब अयोध्या के लोग प्रभु श्री राम को वापस आने की खुशी वे अपने घरों को उजाला करने के लिए दियो का प्रयोग किया और मिठाई बाटी, नए नए कपड़े पहने तभी से उस कार्तिक अमावस्या दिन को दिवाली त्यौहार के रूप में हम भारतीय आज तक मनाते आए हैं और इससे एक दूसरे को मिठाई बांटते हैं और नए नए कपड़े भी पहनते हैं और इस दिन गणेश भगवान लक्ष्मी जी की पूजा भी की जाती है

समुंद्र मंथन

दीपावली त्योहार मनाने का दूसरी कथा समुंद्र मंथन से जुड़ी हुई है जब देवताओं और असुरों के बीच में समुंद्र मंथन चल रहा था जो भी कुछ समुद्र से निकलता वह सभी चीजों का बराबर में असुरों और देवताओं के बिच बट जाता और कार्तिका अमावस्या के दिन शिर सागर से मां लक्ष्मी जी उत्पन्न हुई थी और उसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु जी का विवाह संपन्न हुआ था इसी की खुशी में देवताओं ने खुशियां मनाई और दीपक जलाएं उसी कार्तिका अमावस्या के दिन से दीपावली त्यौहार भी मनाया जाता है

 कृष्ण भगवान और नारकासुर की कहानी

 दीपावली त्यौहार मनाने का तिसरी कथा राक्षस नारकासुर से जुड़ी हुई है नरकासुर करके एक राक्षस हुआ करता था वह राक्षस बहुत ही अत्याचार था वह इतना खतरनाक था कि उससे लोग भय खाते थे वह एक बार 16 हजार‌ कन्याओं का अपहरण कर लिया था और उन सभी पर अत्याचार करता था फिर भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके 16 हजार‌ कन्याओं को सुरक्षित राक्षस के कैद से आजाद करा दिया. और उस दिन भी   कार्तिक अमावस्या की ही थी . सभी समाज वाले उस राक्षस के अत्याचार से मुक्त होकर सभी खुशियां मनाया और इसलिए इस दिन को ही दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है 

 सिख समुदाय

दीपावली त्यौहार मनाने का चौथी कथा सिख समुदाय से जुड़ी हुई है एक बार की बात है मुगल बादशाह जहांगीर अपने  प्रथाओं पर बहुत अत्याचार करता था एक दिन उसने 52 हजार राजाओं को अपने किले में बंदी बनाकर उन सभी पर अत्याचार कर रहा था तभी सिखों के छठवें गुरु श्री गोविंद जी बहुत ही शक्तिशाली एवं बुद्धिमान व्यक्ति थे उन्हेंने अपने बल एवं सूझबूझ से उन राजाओं को जहांगीर के कैदखाना से मुक्त करवाया  52 हजार राजाओं को मुक्ति मिलने पर उस दिन सभी बहुत खुश थे तभी इन खुशियों को दीपावली त्यौहार के रूप में कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है

जैन धर्म से जुड़ी

जैन धर्म के 24 वे और अंतिम भगवान महावीर स्वामी को कार्तिक अमावस्या को निर्माण का प्राप्ति हुई थी और इसे दिन भगवान गौतम को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी जैन धर्म के लोग यह त्यौहार को त्याग और तपस्या के रूप में मनाया जाता है वाले स्पीक विशेष रूप से महावीर स्वामी विशेष रूप से याद करते हैं और उनके त्याग व तपस्या का रोशनी से उजागर करते हैं फ्री जैन मंदिरों में विशेष तरीके से पूजा किया जाता

दीपावली में लक्ष्मी मां और गणेश भगवान का हीं पूजा क्यों होती है

 दीपावली के दिन गणेश भगवान की पूजा इसलिए होती है क्योंकि गणेश भगवान प्रथम पूज्य देवता है यानी कि जब भी कोई पूजा होगी तो सबसे पहले गणेश भगवान की जाएगी तभी वह पूजा संपन्न होगी यह वरदान श्री गणेश को स्वयं महादेव ने दी थी और दूसरी बात यह है कि मां लक्ष्मी गणेश भगवान को अपना पुत्र मानते हुए एक बार लक्ष्मी जी को अपना पुत्र ना होने की अनुभूति होने लगी लक्ष्मी मां अपनी चिंता महादेव के सामने प्रकट किया  उसके बाद महादेव ने अपने पुत्र गणेश को लक्ष्मी मां के हाथ में दे दिया उसी दिन से मां लक्ष्मी और गणेश भगवान एक साथ रहते हैं

 लक्ष्मी जी का पूजा करने से क्या लाभ होता है

 लक्ष्मी जी धन की देवी है लक्ष्मी जी पूजा करने से घर में सुख शांति प्रधान होता है घरों में धन दौलत की बढोती होती है जो लोग लक्ष्मी जी का सच्ची भावना से पूजा करता है उसके घर में लक्ष्मी जी स्वयं बिराजती है और उस घर के परिवार में धन एवं कोई भी समस्या होती है तो लक्ष्मी जी स्वयं उस परिवार के कष्ट हर लेते हैं और उन्हें धन एवं सुख समृद्धि देती है जिससे कि वह व्यक्ति उसका परिवार का जीवन भर खुशियों से भरा रहता है

 गणेश भगवान एवं कुबेर की पूजा

गणेश भगवान बुद्धि के देवता होने के कारण सभी दीपावली के दिन उनसे बुद्धि प्राप्त करने के लिए उनका पूजा करते हैं और कुबेर धन के देवता होने के कारण सभी लोग धन प्राप्ति के लिए उनका पूजा करते हैं ताकि उनका घर धन से भरा रहे और उनके जीवन में कभी भी धन के कारण कोई समस्या ना आए

दिवाली  किस प्रकार मनाना चाहिए

दिवाली हमें गणेश भगवान तथा लक्ष्मी जी की पूजा करते हुए अपने परिवार के बड़े जनों का आशीर्वाद लेते हुए और एक दूसरे को खुश रखना चाहिए क्योंकि जो परिवार खुश रहता है उसी में लक्ष्मी जी का वास होता है हमें पटाखा नहीं चलाना चाहिए क्योंकि उससे काफी पोलूशन होता है हमें एक दूसरे को मिठाई भी देनी चाहिए इससे हमारा रिश्ता एक दूसरे के प्रति मिठास एवं मजबूत होता है

FAQ

 1.Q दीपावली में किस- किस पूजा होता है?
उत्तर- मां लक्ष्मी, गणेश भगवान, कुबेर जी
 2.Q दीपावली का त्योहार कब है?
उत्तर- सोमवार 24 अक्टूबर
 3.Q दीपावली त्यौहार का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर – 14 वर्ष वनवास काटकर श्री राम अयोध्या आए थे